Sunday, May 12
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शाही ट्रेन में स्कॉटिश हाईलैंड्स की सैर

संयोगवश हमने पिछले दोनों अंकों में जिन शाही ट्रेनों की बात की थी वे दोनों ही बेलमोंड समूह द्वारा चलाई जाती हैं, जिसका पिछला नाम ओरिएंट-एक्सप्रेस समूह था। अब इस अंक में जिस ट्रेन की सैर पर हम चल रहे हैं, वह भी बेलमोंड समूह के ही परिचालन में है। हालांकि एक जमाना था जब ये सारी ट्रेनें अपने में अलग-अलग थीं। बदलती स्थितियों में अब इन सबका ऑपरेशन एक ही हाथ में है लेकिन इन सबकी अपनी-अपनी खूबी व विशिष्टता कायम है। इस बार हम बात कर रहे हैं युनाइटेड किंगडम यानी ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में चलने वाली रॉयल स्कॉट्समैन रेलगाड़ी की।

रॉयल स्कॉट्समैन का स्वरूप पुराने राजमहलों की तरह भले ही है लेकिन सुविधाएं अत्यंत आधुनिक। यह ट्रेन अपने राजसी सफर के लिए दुनिया भर में मशहूर है। आज दुनिया में लगभग तीस ट्रेनें लोगों को अपनी शानो-शौकत के कारण आकर्षित कर रही है। लेकिन रॉयल स्कॉट्समैन उन ट्रेनों में से है जिसने इसकी शुरुआत की थी। शाही अंदाज के कारण इसकी तुलना अक्सर भारत की ‘पैलेस आन व्हील्स’ से की जाती है। यह ट्रेन अपने सफर में कुल नौ कोच में एक बार में केवल 36 लोगों को ही स्कॉटलैंड के मनमोहक शहरों की यात्रा कराती है। इस ट्रेन में यात्रा करते वक्त ऐसा महसूस होता है कि कोई पांच सितारा होटल लोहे के पहियों पर चल रहा हो।

बाहर से कुछ ऐसी दिखती है ट्रेन

इस ट्रेन के पांच रूट हैं -हाईलैंड रूट, वेस्टर्न रूट, क्लासिक रूट, ग्रैंड वेस्ट हाईलैंड रूट, ग्रैंड नॉर्थ हाईलैंड रूट। यह ट्रेन केवल अप्रैल से अक्टूबर के बीच चलती है क्योंकि उसके बाद सर्दियों व बर्फबारी का मौसम शुरू हो जाता है। इस लिहाज से इस साल का सफर भले ही पूरा हो चुका हो लेकिन अगले साल की योजना अभी से बना लें क्योंकि बुकिंग मिलना आखिर इतना आसान नहीं होता।  रॉयल स्कॉट्समैन का पहला रूट स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग से लेकर पर्थ का है। ट्रेन यह यात्रा तीन दिन में पूरी करती है। एडिनबर्ग स्कॉटलैंड की राजधानी है जो कि दो हिस्सों में बंटी हुई है- एक हिस्सा पुराने ऐतिहासिक शहर का है और दूसरा नए आधुनिक शहर का। एडिनबर्ग अपनी एक हजार साल पुरानी वास्तुकला और महलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां की सड़कों पर आप पुराने शिल्पकारों द्वारा बनाई गई दुकानों और रेस्तराओं को देख सकते है। ट्रेन दोपहर में एडिनबर्ग से चल कर बोट आफ गार्टन की ओर रवाना होती है।

रॉयल स्कॉट्समैन का एक केबिन

ट्रेन के स्टेशन छोड़ने के साथ ही आप ब्लेयर कैसल की झलक देख सकते हैं। डॉल्वहीनी में आप समुद्र तल से 1073 फीट की ऊंचाई पर स्थित स्कॉटलैंड की सबसे ऊंची डिस्टलरी की सैर कर सकेंगे और वहां की जेंटल स्प्रिट का स्वाद भी चख सकेंगे। अगले दिन आपको न केवल हाईलैंड्स की विविधता से रू-ब-रू होने का मौका मिलेगा बल्कि कुलोडन में उस जगह की झलक भी मिलेगी यहां 1746 में ब्रिटिश मुख्यभूमि पर आखिरी जंग हुई थी। ट्रेन पूरब की ओर चलते हुए नायर्न तट पर पहुंचते है जहां आप जॉनस्टन की एल्गिगन वूलन मिल देख सकते है। जॉनस्टन ने इस मिल की स्थापना 1797 में की थी। यहां दुनिया के सबसे महीन व खूबसूरत रेशे तैयार किए जाते हैं जो राजसी वेशभूषाओं में इस्तेमाल आते हैं। रात पर्थ में बिताने के बाद अगले दिन आप दूसरे रास्ते से पर्थ से एडिनबर्ग तक वापसी का सफर करते हैं, जहां आपकी यात्रा समाप्त हो जाती है।

दूसरा रूट पश्चिम पहाड़ी लाइन का है जहां ट्रेन एडिनबर्ग के स्पीन ब्रिज से होते हुए वेमिस बे जाती है। ट्रेन एडिनबर्ग से पश्चिम की ओर चलती है। ट्रेन पहाड़ों का बेहद रोमांचक सफर कराती है। कभी नीचे पानी के किनारे तक जाते हुए तो कभी मुश्किल चढ़ाइयां चढ़ते हुए। बेन आर्थर की चोटी की झलक भी मिलती है तो ग्लेन फालोच के सुंदर झरनों का नजारा भी। रात गुजारने के लिए आप स्पीन ब्रिज पहुंच जाते है। रात का खाना खाने के बाद आप रे ओवेन्स से स्कॉटिश नायकों के रोमांचक किस्से सुन सकते हैं। ओवेन्स की कहानियों से आप स्कॉटलैंड के अतीत और वर्तमान को समझ सकते हैं ।

दूसरे दिन आपकी ट्रेन ब्रिज आफ ओर्चे की तरफ जाती है। ब्रिटेन की सबसे ऊंची चोटी बेन नेविस की झलक देखते-देखते ट्रेन आपको उत्तर में तटीय इलाके से होती हुई एरिसेग ले आती है, जहां आप अपने साथी के साथ मोरार की सुंदर रेत पर रोमानियत भरी चहलकदमी कर सकते हैं। तीसरे दिन ट्रेन ब्रिज आफ ओर्चे से वेमसे बे आती है। यहां आपको फेरी में बैठकर एक सुंदर द्वीप आइले ऑफ ब्यूट जाने का मौका मिलेगा। साथ ही आप स्कॉटलैंड के सबसे सुंदर समुद्र तट को भी देखेंगे। रात वेमसे बे में ही ट्रेन में गुजारनी होगी।

रॉयल स्कॉट्समैन का तीसरा रूट क्लासिक रूट है, जो कि एडिनबर्ग के कीथ से लेकर पर्थ की यात्रा कराता है। कीथ एसला नदी के किनारे बसा हुआ एक शहर है जो कि स्कॉटलैंड में आठवीं शताब्दी में बसा था। रॉयल स्कॉट्समैन एडिनबर्ग स्टेशन से चलकर फोर्थ रेलवे ब्रिज से गुजरती है। यह 1880 के दशक में बना दुनिया के सबसे शुरुआती पल्लेदार कमानी वाले पुलों में से था। तब उसकी गिनती दुनिया के आठवें आश्चर्य के रूप में होती थी। कीथ से ट्रेन काइली ऑफ लोखाल्श और फिर वहां से बोट आफ गार्टन की ओर चलती है। पांचवे दिन ट्रेन अपने अंतिम लक्ष्य पर्थ की ओर रवाना होती है। इस ट्रेन के यह सबसे लोकप्रिय रूटों में से है।

इस ट्रेन का चौथा रूट ग्रैन्ड वेस्ट हाईलैंड रूट है जो कि स्पीन ब्रिज से लेकर पर्थ तक का है। रॉयल स्कॉट्समैन इस सफर को पांच रात और छह दिन में तय करती है। यह कहा जा सकता है कि पहले दोनों रूटों को मिलाकर यह नया लंबा रूट तैयार कर दिया गया है। रॉयल स्कॉट्समैन का पांचवां और आखिरी रूट गैन्ड नोर्थ हाईलैंड रूट है। यह यात्रा कीथ से लेकर स्पीन ब्रिज तक की है और ट्रेन इसे सात रात और आठ दिन में पूरा करती है। यह सारा सफर एक ऐसी ट्रेन में होता है जो आपको राजसी ठाट-बाट का अनुभव दिलाती है। ट्रेन की दीवारों और छतों पर इतिहास झलकाती तस्वीरें हैं, ट्रेन के केबिन चमचमाती बेशकीमती लकड़ी से सुसज्जित हैं, मखमली तौलिया, गर्म पानी, आरामदायक बिस्तर है।

लग्जरी लाइफ

आराम की हर सुहूलियत के साथ ही आपको हर पल की सेवा के लिए एक खिदमतगार भी मिलता है। इस ट्रेन में 16 डबल केबिन और चार सिंगल केबिन मौजूद है। हर केबिन में निजी स्नानघर, वाशबेसिन और टायलेट, गर्म पानी, की सुविधा है। इसके अलावा आपको मुलायम बिस्तर, ड्रेसिंग टेबल, हेयर ड्रायर, पंखा, बटन द्वारा खुलने वाली खिड़की यह महसूस ही नहीं होने देगी कि आप किसी ट्रेन में सफर कर रहे हैं। रायल स्कॉट्समैन में एक आब्जर्वेशन कार भी है जहां से आप चलती गाड़ी में बाहर का नजारा ले सकते हैं। साथ ही इस ट्रेन में रात के खाने के बाद स्कॉटिश अंदाज में पार्टी की जाती है, जिसका आप पूरा लुत्फ उठा सकते हैं। आखिरकार आप दुनियाभर में लोकप्रिय स्कॉच व्हिस्की के इलाके में हैं। ट्रेन में एक डाइनिंग रूम भी है जो कि काफी सुंदर बनाया गया है और जहां खाना प्रसिद्ध ब्रिटिश शेफ बनाते है। यहां खाने के साथ-साथ आपको सबसे अच्छी शराब दी जाती है। इस डाइनिंग कार में आठ और छह लोगों के लिए बड़ी-बड़ी टेबल लगाई जाती है ताकि सफर करने वाले यात्री एक-दूसरे से बात कर सकें और नए दोस्त बना सकें।

इस ट्रेन के डाइनिंग कार का एक और रिवाज है कि यहां दो प्रकार से डिनर हो, यानि एक औपचारिक और दूसरा अनौपचारिक। दोनों तरह के भोजन के लिए बाकायदा स्कॉटिश अंदाज में वेशभूषा तय होती है। सुबह का नाश्ता और चाय आपको केबिन में ही उपलब्ध करा दी जाती है। रॉयल स्कॉट्समैन में आपको एक लाइब्रेरी भी मिलेगी। जी हां और इस लाइब्रेरी में करीब 2,500 किताबें मौजूद है। किताब के शौकीनों को भला इससे ज्यादा और क्या चाहिए। इस ट्रेन में गिफ्ट शाप भी है जहां से आप अपने या अपने दोस्तों के लिए तोहफा लेकर यात्रा को और भी ज्यादा यादगार बना सकते है। यहां आपको लगभग सभी प्रकार की चीजें मिल जाएंगी।

कई हाथों से गुजरी

रॉयल स्कॉट्समैन की शुरुआत 1985 में हुई थी। उस समय उसका परिचालन ‘द ग्रेट स्कॉटिश एंड वेस्टर्न रेलवे कं.’ के पास था। लेकिन 2005 में उसका अधिग्रहण ओरिएंट एक्सप्रेस होटल्स ने कर लिया जिसके पास उस समय पहले से वेनिस-सिंप्लॉन ओरिएंट एक्सप्रेस और नॉर्दर्न बेले जैसी लग्जरी ट्रेनों का परिचालन हाथ में था। फिर 2014 में बेलमोंड समूह ने ओरिएंट-एक्सप्रेस होटल्स का अधिग्रहण कर लिया। मौजूदा ट्रेन को 1990 में इस्तेमाल में लाना शुरू किया गया और उसके सात कोच पूर्व में ईसीएमएल पुलमैन कोच थे जिन्हें मेट्रो-कैमेल ने 1960 में बनाया था। इन्हें नए रंग-रूप में ढालकर इस लग्जरी ट्रेन के लिए तैयार किया गया।

रॉयल स्कॉट्समैन की डाइनिंग कार

किराया व आरक्षण

रॉयल स्कॉट्समैन ट्रेन में किराया सिंगल व डबल केबिन के अनुसार लिया जाता है। प्रति व्यक्ति किराया दो व्यक्तियों के साथ रुकने के आधार पर दो रात के हाईलैंड टूर के लिए 2,350 पाउंड से लेकर तीन रात के वेस्टर्न रूट का 3,440 पाउंड और चार रात के लिए 4,330 पाउंड से शुरू होता है। किराया यकीनन काफी ज्यादा है लेकिन उस शानौ-शौकत के लिहाज से है जो आपको उपलब्ध कराई जाती है। किराये में सफर व केबिन के साथ-साथ सभी खाना-पीना, सभी तरह के ड्रिंक्स, बीच में ट्रेन से उतरकर कराई जाने वाली सैर, गाइडेड टूर, व्हिस्की डिस्टलरी की सैर, किसी स्कॉटिश लेयर्ड (जमींदार) के एस्टेट पर मिट्टी के कबूतर पर निशानेबाजी के हाथ, और हाईलैंड की किसी ऊनी मिल की सैर, सब शामिल है। आप तीन रात के वेस्टर्न रूट को दो दिन के या चार दिन के हाईलैंड रूट के साथ मिलाकर पांच या सात दिन का ग्रांड टूर बना सकते हैं।

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